जब विभिन्न संस्थाएँ एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट होती हैं, तो सामूहिक सहयोग ही वास्तविक सफलता की रचना करता है। उदयपुर में आयोजित पावरऑन - द ग्रीन ग्रिड सम्मिट-2026 इस एकीकृत प्रयास का उत्कृष्ट प्रतीक बना। इस आयोजन की अभूतपूर्व सफलता RSBTA (राजस्थान स्टोरेज बैटरी एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन), GSSBA (गुजरात स्मॉल स्केल बैटरी एसोसिएशन), MP बैटरी एसोसिएशन, कोटा बैटरी एसोसिएशन और उदयपुर बैटरी ट्रेड एसोसिएशन के सक्रिय सहयोग एवं संयुक्त प्रयासों से संभव हुई। इन प्रमुख प्रांतीय एवं क्षेत्रीय संघों की निष्ठा ने देश के लघु एवं मध्यम (MSME) बैटरी निर्माताओं को आधुनिक तकनीक, बीईएसएस (BESS) तथा ई-मोबिलिटी से जोड़कर वैश्विक मूल्य श्रृंखला में स्थापित करने का नया मार्ग प्रशस्त किया है।
उदयपुर में 8 अगस्त को स्मॉल स्केल बैटरी उद्योग का भी सूर्योदय हुआ! इस ऐतिहासिक दिन पावरऑन - द ग्रीन ग्रिड सम्मिट-2026 के आयोजन के साथ भारतीय लघु बैटरी निर्माताओं के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई। यह ऐतिहासिक शुरुआत इसलिए संभव हुई क्योंकि इस सम्मेलन ने पारंपरिक लघु बैटरी निर्माताओं को केवल पुरानी असेंबलिंग तक सीमित न रखकर बीईएसएस (BESS), नैनो-मटेरियल्स और ई-मोबिलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों से सीधे जोड़ा। पहली बार देश-विदेश के वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और प्रांतीय एसोसिएशनों ने एक मंच पर आकर एमएसएमई (MSME) इकाइयों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सतत ऊर्जा भंडारण का हिस्सा बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रदान किया।
बीईएसएस (BESS) - ऊर्जा भंडारण का नया बाज़ार
सम्मेलन की गहन चर्चाओं में यह पूरी तरह स्पष्ट हुआ कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) आगामी समय में भारतीय बैटरी उद्योग के लिए एक विशाल और असीमित संभावनाओं वाला बाज़ार बनने जा रहा है। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी हर घर मुफ़्त बिजली योजना (सोलर रूफटॉप योजना) को अब केवल ऑन-ग्रिड सिस्टम तक सीमित न रखकर, उसमें ऊर्जा संचयन हेतु ऑन-साइट बैटरी जोड़ने का विकल्प भी शामिल किया जा रहा है।
यद्यपि वर्तमान प्राथमिकताओं में सरकार इस योजना के अंतर्गत लिथियम-आयन बैटरियों को तरजीह दे रही है, परंतु फैडरेशन ऑफ इंडियन स्मॉल स्केल बैटरी एसोसिएशंस (FISSBA) इस विषय पर दोहरे स्तर पर ठोस रणनीति के साथ काम कर रही है:
1. तकनीकी आधुनिकीकरण: पारंपरिक लैड-एसिड बैटरियों में नैनो-कार्बन ऐडिटिव्स, जैल टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड स्पाइन अलॉय और वोल्टेज़-बैलेंसिंग इलेक्ट्रॉनिक्स (BMS) का उपयोग करके इनकी साइकिल लाइफ और दक्षता को लिथियम के समकक्ष विकसित करना।
2. नीतिगत स्वतंत्रता (Policy Advocacy): केंद्र सरकार व नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के समक्ष यह पक्ष रखना कि उपभोक्ता को अपनी बजट, सुरक्षा और उपयोगिता के अनुसार किसी भी प्रमाणित (लैड-एसिड या लिथियम) बैटरी तकनीक को चुनने की पूरी छूट दी जाए, जिससे देश की लाखों लघु MSME निर्माण इकाइयों के हितों की रक्षा हो सके और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले।
फैडरेशन के अध्यक्ष श्री हर्षपाल सिंह साहनी सहित राजस्थान स्टोरेज़ बैटरी ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, गुजरात स्मॉल स्केल बैटरी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री प्रदीप सूजी, मध्य प्रदेश लैड एंड बैटरी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मुकेश महेश्वरी, उदयपुर बैटरी ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बसंत जैन, काेटा बैटरी एसोसिएशन के संरक्षक श्री रवि नाकरा व वेस्टर्न राजस्थान बैटरी एण्ड इन्वर्टर ट्रेडर्स एसोसिएशन समिति, जोधपुर के अध्यक्ष श्री विकास गुप्ता व ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड के श्री नवीन शर्मा की उपस्थिती में कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन समारोह का संचालन, फैडरेशन के महासचिव व हापुड़ भाजपा पूर्व अध्यक्ष श्री नरेश तोमर व फैडरेशन के नॉर्थ ज़ोन के सचिव श्री पूनमचंद कच्छावाह ने किया।
विशेषज्ञ, कारोबारी व उद्यमी जुड़े
इस भव्य कार्यक्रम में बैटरी, लैड, लिथियम, सोलर एवं ऊर्जा भंडारण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, कारोबारियों और उद्यमियों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
समिट में बदलते ऊर्जा बाजार, नई तकनीकों, ऊर्जा भंडारण की बढ़ती जरूरत तथा छोटे एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कारोबारियों को नई तकनीक, बाजार की दिशा और आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में उभरने वाले अवसरों की जानकारी दी।
तकनीकी सेमिनार का संचालन श्री रमेश नटराजन ने किया। कार्यक्रम में डॉ. एन. सुगुमारन, डॉ. सुंदर मायावन, डॉ. अक्षय जैन, डॉ. मधुसूदन अधिकारी, श्री दिनेश रावल, श्री अमराज बी.के, श्री अंजल निराउला, श्री नवीन शर्मा, श्री अदित्य माहवर ने बैटरी एवं ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलाव, लिथियम एवं सोलर क्षेत्र की संभावनाओं तथा पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर अपने विचार साझा किए।
लैड और लिथियम की चुनौतियाँ
सेमिनार में प्रजेंटेशन की शुरूआत डॉ. एन. सुगुमारन से हुई। डॉ. सुगुमारन ने भारतीय परिस्थितियों में BESS में लैड और लिथियम के सामने आने वाली चुनौतियाँ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। सेशन में भारत में लैड-एसिड और लिथियम-बेस्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज़ सिस्टम लगाने में आने वाली मुश्किलों पर बात की। उन्होंने गर्मी, धूल, ग्रिड में बदलाव, सुरक्षा, रीसाइक्लिंग, लागत का दबाव, चार्जिंग के तरीके, सप्लाई-चेन की सीमाएं, और लोकल ऑपरेटिंग माहौल के हिसाब से स्टैंडर्ड की ज़रूरत पर भी चर्चा की।
सिलेक्शन, परफॉर्मेंस, रिलायबिलिटी और सेफ्टी
डॉ. सुन्दर मायावन ने लैड-एसिड और लिथियम-आयन बैटरी को समझना (अलग-अलग एप्लीकेशन में: सिलेक्शन, परफॉर्मेंस, रिलायबिलिटी और सेफ्टी) विषय पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, रिन्यूएबल एनर्जी, बैकअप पावर और मोबिलिटी एप्लीकेशन के लिए लैड-एसिड और लिथियम-आयन बैटरी कैसे चुनी जाती हैं। इसमें परफॉर्मेंस, लाइफ साइकिल, रिलायबिलिटी, मेंटेनेंस, कॉस्ट, थर्मल बिहेवियर, सेफ्टी प्रैक्टिस और अलग-अलग ऑपरेटिंग कंडीशन और यूज़र की ज़रूरतों के लिए सूटेबिलिटी की तुलना भी की गई।
एडवांस्ड नैनो मैटीरियल
डॉ. अक्षय जैन ने अगली पीढ़ी की बैटरियों के लिए एडवांस्ड नैनो मैटीरियल: BESS और मोबिलिटी विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बैटरी स्टोरेज़ टेक्नोलॉजी में कार्बन मैटीरियल इनोवेशन के मौजूदा माहौल और भविष्य की दिशा के बारे में बताया व लिथियम-आयन और लैड-एसिड जैसी मुख्य केमिस्ट्री, उनकी परफॉर्मेंस की सीमाएं, और एफिशिएंसी को बेहतर बनाने में नैनो-मैटीरियल इंजीनियरिंग की भूमिका से भी बैटरी उद्यमियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नैनो कार्बन के उपयोग से बैटरी चार्जिंग की क्षमता में 30% तक की बढ़ाेतरी हो सकती है। जिससे बैटरी शीघ्र चार्ज होगी व बैटरी की आयु भी बढ़ जाएगी।
नेपाल में BESS
सेमिनार में नेपाल के इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन में कमिश्नर के तौर पर कार्यरत रह चुके डॉ. मधुसूदन अधिकारी ने नेपाल में BESS – बढ़ावा देने का दायरा और रूपरेखा विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी बात रखी:- तकनीकी अनुपालन और ग्रिड कनेक्टिविटी, कमर्शियल और टैरिफ़ के सिद्धांत, डी-कमीशनिंग, पर्यावरण प्रबंधन और बैटरी वेस्ट, सहायक सेवाएँ और भविष्य में बाज़ार का विकास, निगरानी, समीक्षा और दंड। नेपाल से आए श्री दिनेश रावल, श्री अमराज बी.के और श्री अंजल निराउला ने भी अपने-अपने प्रेज़ेंटेशन प्रस्तुत किया।
EPR बैटरी पोर्टल में दिक्कतें
सेमिनार में EPR विशेषज्ञ श्री आदित्य माहवर ने EPR बैटरी पोर्टल में ऑपरेशनल और टेक्निकल दिक्कतें विषय पर चर्चा की। उन्हाेंने EPR बैटरी पोर्टल का इस्तेमाल करते समय बैटरी उद्यमियों को आने वाली आम दिक्कतों के विषय पर चर्चा की। क्रैडिट जेनरेशन और ट्रांसफर, डेटा एंट्री की गलतियां, पोर्टल नेविगेशन की चुनौतियां जैसी समस्याएं उनका विषय रहा।
प्रजेंटेशन के बाद प्रश्नाेत्तर काल में EPR से संबंधित कई समस्याओं के उत्तर ग्रेविटा इंडिया के श्री नवीन शर्मा व श्री अदित्य माहवर ने संयुक्त रूप से दिए और समस्याओं का समाधान किया।
वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में उद्योग जगत के लिए नई तकनीकों को अपनाने के साथ वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं और संभावनाओं को समझना भी जरूरी है।
लीजेंड अवॉर्ड से सम्मानित
कार्यक्रम में फैडरेशन ऑफ इंडियन स्माॅल स्केल बैटरी एसोसिएशंस की ओर से श्रीमती रमा मल्होत्रा व श्री हरविंदर सिंह सलूजा को लीजेंड अवार्ड से सम्मानित किया गया।
राजस्थान स्टोरेज़ बैटरी ट्रेड एसाेसिएशन, ग्रेविटा इंडिया लि., जयपुर व केंक्री प्रा. लि., जयपुर की ओर से शाम की पार्टी का आयोजन किया गया।
सेमिनार को एमएसएमई मंत्रालय द्वारा समर्थन प्राप्त था। सेमिनार में फैडरेशन ऑफ इंडियन स्मॉल स्केल बैटरी एसोसिएशंस समेत गुजरात स्मॉल स्केल बैटरी एसोसिएशन -अहमदाबाद, मध्य प्रदेश लैड एवं बैटरी एसोसिएशन-इंदौर, राजस्थान स्टोरेज़ बैटरी ट्रेड एसोसिएशन -जयपुर, कोटा बैटरी एसोसिएशन-कोटा, वेस्टर्न राजस्थान बैटरी एवं इनवर्टर ट्रेडर्स एसोसिएशन समिति-जोधपुर एवं उदयपुर बैटरी एसोसिएशन-उदयपुर के सम्मानित सदस्य एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे।